संचालित पाठ्यक्रम

केन्द्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान, भारत में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए प्रमुख प्रशिक्षण केन्द्रों में से एक है। भारत में मानसिक रोगों का यह एकमात्र अस्पताल था, जो सन् 1923 में इंग्लैंड डी.पी.एम. पाठ्यक्रम के लिए मान्यता प्राप्त था। उस समय भारत में मनोचिकित्सा में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम अन्यत्र कहीं भी उपलब्ध नहीं था। सन् 1962 में संस्थान में डीपीएम एवं डीएम एण्ड एसपी पाठ्यक्रम के साथ एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षण केन्द्र का समावेश किया गया एवं बाद में इसमें समय के दौरान अन्य पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया।

यह संस्थान राँची विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है। संस्थान में एमडी (मनोचिकित्सा) एवं डीपीएम (डिप्लोमा इन साइकोलॉजिकल मेडिसिन) पाठ्यक्रमों में प्रवेश एनईईटी पीजी परीक्षाओं के माध्यम से होता है, जबकि अन्य पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है। प्रवेश के लिए विज्ञापन प्रति वर्ष अक्टूबर से नवम्बर के बीच प्रकाशित होते हैं और यह परीक्षा बहुधा फरवरी के तीसरे रविवार को आयोजित की जाती है। सभी पाठ्यक्रमों का सत्र प्रतिवर्ष 1 मई से शुरू होता है। प्रवेश के लिए उम्मीदवारों का चयन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक, नई दिल्ली द्वारा गठित एक चयन समिति द्वारा किया जाता है।

संचालित पाठ्यक्रम प्रारंभ होने का वर्ष सीटों की संख्या अवधि
एमडी (मनोचिकित्सा) 1971 9 3 वर्ष/2 वर्ष (पोस्ट डिप्लोमा)
डीपीएम (मनोवैज्ञानिक चिकित्सा में डिप्लोमा) 1962 18 2 वर्ष
नैदानिक मनोविज्ञान में पीएचडी 1983 4 2 वर्ष
नैदानिक ​​मनोविज्ञान में एमफिल
1962/1985 12 2 वर्ष
मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्य में एमफिल 1970/1983 12 2 वर्ष
डीपीएन (मनोचिकित्सा नर्सिंग में डिप्लोमा) 1983 15 1 वर्ष