कंप्यूटर विभाग

संस्थान का कम्प्यूटर विभाग एक परिष्कृत और आधुनिक विभाग है, यह विभाग हार्डवेयर, साफ्टवेयर और नेटवर्किंग यूनिट से लैस है-

  • सीआईपी के पास एक सम्पूर्ण फाईबर ऑप्टिक नेटवर्क है जो संस्थान परिसर में वाई-फाई की सुविधा के साथ संपूर्ण संस्थान को जोड़ता है और छात्रावास सहित सभी विभागों को इंटरनेट गतिविधियों और सूचनाओं को उपलब्ध कराने में समर्थ है।
  • इंटरनेट प्रबंधनः सीआईपी में दो हाई स्पीड लिज्ड लाईनें (बीएसएनएल से 10 एमबीपीएस और रेलटेल से 10 एमबीपीएस) तथा 2 एमबीपीएस का ब्रांडेड उपलब्ध है।
  • राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (एनकेएन): भारत के सभी प्रमुख शैक्षिक संस्थानों के साथ अनुसंधान और शैक्षणिक उद्देश्य से जुड़ने के लिए 100 एमबीपीएस समर्पित लाईन।
  • सन (एसयूएन) माइक्रोसिस्टम्स क्लस्टर (सर्वर)- संस्थान में स्थापित सर्वर को डाटा बेस सर्वर के लिए पूर्ण प्रबंधन की आवश्यकता होती है, जैसे- उपयोगकर्ताओं का सृजन करना एवं उन्हें उचित अधिकार प्रदान करना, प्रतिदिन जमा होने वाले आँकड़ो का आवधिक बैकअप तथा चयनित स्थानों को नेटवर्क से जोड़ना। इसका उपयोग कुछ ही मिनटों में विशाल गणितीय गणना के लिए भी किया जाता है। अन्य सुविधाओं में अल्टोस सर्वर प्रबंधन एवं प्रोकाम सर्वर प्रबंधन शामिल है जो एक साथ कई महत्वपूर्ण जानकारियों की सुविधा प्रदान करता है। हाल ही में सीआईपी के चिकित्सा पुस्तकालय को 46 टीबी सैन (एसएएन) भंडारण सर्वर से युक्त किया गया है जो अत्यधिक मात्रा में इलेक्ट्रोनिक डाटा जमा कर सकता है।
  • सीसीटीवी कैमरे के जरिये सम्पूर्ण संस्थान परिसर की निगरानी।
  • शिक्षा कार्यक्रम- सीएमई (सतत्) और सीएनई (सतत् नर्सिंग शिक्षा) जैसे कार्यक्रमों हेतु आवश्यक शैक्षिक सामग्री का निर्माण कम्प्यूटर विभाग में किया जाता है।
  • अनुसंधान गतिविधियाँ- शोध संबंधी प्रोटोकॉल तैयार करना, डाटा शीट बनाना, डाटा का विश्लेषण करना, प्रकाशन के लिए पाण्डूलिपि तैयार करना एवं स्लाईड एवं पावर प्वाइंट प्रस्तुत करना।
  • सॉफ्टवेयर प्रबंधन- संस्थान में मौजूद सभी सॉफ्टवेयर का उचित संस्थापन और क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।
  • प्रवेश परीक्षा कार्य- सीआईपी प्रतिवर्ष विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है, जिसका सारा प्रबंध कम्प्यूटर विभाग द्वारा इलेक्ट्रोनिक रूप से किया जाता है। इस विभाग में आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा किये जाते हैं और स्वीकार किये जाते हैं। परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र ऑनलाइन जारी किये जाते है। परीक्षा परिणाम एक ही दिन पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत ओएमआर रिडिंग सिस्टम की सहायता से जारी किया जाता है।
  • कस्टमाईज्ड सॉफ्टवेयर प्रबंधन- सीआईपी ने सभी सरकारी दस्तावेजों को सरल और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया में शासकीय कार्यों के लिए अनुकूलित सॉफ्टवेयर का अधिग्रहण किया है। संबंधित डाटा बेस को केन्द्रीय सर्वर पर रखा जाता है, ताकि सॉफ्टवेयर का संचालन उचित तरीके से हो सके। महत्वपूर्ण सरकारी सूचनाओं, जानकारियों और बैकअप डाटाबेस के रखरखाव के लिए एवं इसकी गोपनीयता को सुरक्षित रखने के लिए सॉफ्टवेयर के उपयोगकर्ताओं को उचित अधिकार देने हेतु एक डाटा बेस प्रशासक की आवश्यकता होती है। सीआईपी कार्यालय अपने सामान्य कामकाज के साथ-साथ वेतन प्रबंधन एवं संस्थान के महत्वपूर्ण अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहा है। कर्मचारियों की उपस्थिति को नियमित रखने के लिए कम्प्यूटर अनुभाग में बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली का संचालन किया जाता है।
  • सीआईपी वेबसाईट- संस्थान के वेबसाईट पर सूचना अधिकार अधिनियम के आलोक में वेबसाईट को नियमित रूप से अद्यतन करना एवं नवीनतम जानकारियाँ उपलब्ध कराने हेतु इसे अपग्रेड करते रहना।
  • जैव सांख्यिकीय गणनात्मक और शोध विधियों में प्रशिक्षण एवं सैद्धांतिक शिक्षण प्रदान करने के लिए यह विभाग शोधकर्ताओं को सांख्यिकीय परामर्श और सेवाएँ प्रदान करता है। यह विभाग जैव सांख्यिकीय विधियों एवं अनुप्रयोग में भी शामिल है एवं मानसिक स्वास्थ्य तथा तंत्रिका विज्ञान से संबंधित डाटा का विश्लेषण करने के लिए कम्प्यूटर उन्मुख सांख्यिकीय प्रक्रियाओं की प्रगति एवं अनुप्रयोग में योगदान देता है। इसके अलावा, इसका उद्देश्य इस संस्थान में चिकित्सा आँकड़ों का संग्रह और अन्य प्रासंगिक जानकारियों में समन्वयन और इसे स्तरीय बनाना। सांख्यिकीय परामर्श और सलाह, अस्पताल और समुदाय आधारित अध्ययन के लिए अध्ययन डिजाइन और प्रोटोकॉल का विकास एवं सांख्यिकीय तरीकों का इस्तेमाल करना। सांख्यिकीय कम्प्यूटींग में प्रशिक्षण, सांखिकी पैकेज जैसे- एसपीएसएस-25.0, आर सॉफ्टवेयर इत्यादि का उपयोग। मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान में उन्नत सांख्यिकीय तरीकों का अनुप्रयोग।

 

Sr No Name Designation
1 Hariom Pachori Statistician